नजरिया के बतिया नजरिया से कही द - दिनेश ' भ्रमर ' | Najariya ke Batiya Nazariya Se Kahi Da - Dinesh ' Bhramar ' byutkarsh रुवाई मन के बछरू छटक गइल कइसे, नयन - गगरी ढरक गइल कइसे। हम ना कहनी कुछ बयरिया से, उनके अँचरा सरक गइल कइसे । गजल नजरिया के बतिया नजरिया से कहि द । ना चमके सोनहुला किनरिया से कहि द ।। नयन में सवनवाँ बनल बाटे पाहुन, सनेसवा जमुनिया बदरिया से कहि द ।…