सरकार पे कबिता

रानी हो - श्री परमानन्द शुक्ल | Raani ho - Shri Paramānanda Shukla

रानी हो अफसोस करऽ जनि अवकी राशन आवे दऽ ।  कूटे पीसे क झंझट छूटल अब साने भर क काम रही अइसन सरकार क किरिपा बा त एहू से आराम रही थोरे दिन अउरी सबुर' करऽ राशनमें आँटा पावे द । पहिले क बातें जाये द जब गाइ भँइस क दूध रहल पहिले क बातें जाये द जब हर एक ब…

हुकूमत के हाथी नियर दाँत दूगो - प्रसिद्ध नारायण सिंह प्रसिद्ध | Hukumat Ke Haathi Niyar Daant - Prasiddh Narayan Singh Prasidh

हुकूमत के हाथी नियर दाँत दूगो  दिखावे के दूसर, चवावे के दूसर  उठल अस अहिंसा के झझकल झकोरा  कि उंड़ गइले आन्ही में लन्दन के गोरा  तऽ सपना सुनहरा में इम त्रस्त रहलीं  आजादी के अचके में बाजल ढिढोरा  खुललि आँखि लउकलि आजादी के झाँकी  गरीबन के दूसर, अमीरन क…

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