के बोए के काटे - चितरंजन | Ke Boye Ke Kaate - Chitranjan byसब कुछ यहाँ के बोए के काटे भाई रे, के बोए के के हरवा पैना के संगी के कइला मैना के संगी के सावन-भादों के संगी के माटी कादों के संगी के कर सुर में गावे बादर कवन मड़इया बाजे माँदर के कजरी के टेरु लगावे के रतिया के बिरहा गावे जब-जब इहवाँ जंग रोपाए केकर बेटा …