प्रेरणादायक कबिता

के बोए के काटे - चितरंजन | Ke Boye Ke Kaate - Chitranjan

के बोए के काटे भाई रे, के बोए के के हरवा पैना के संगी  के कइला मैना के संगी  के सावन-भादों के संगी  के माटी कादों के संगी  के कर सुर में गावे बादर  कवन मड़इया बाजे माँदर  के कजरी के टेरु लगावे  के रतिया के बिरहा गावे  जब-जब इहवाँ जंग रोपाए  केकर बेटा …

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