व्यंग्य

तूँ मजा करऽ रजधानी में - हरिहरनाथ गुप्त 'बेकार भोजपुरी' l Tu Maja Kara Rajdhaani Mein - Hariharnath Gupta 'Bekaar Bhojpuri'

हमनी का गाँव सुधार करीं, तूँ मजा करऽ रजधानी में।  तूँ लेके बोट हमनिये से, बँगला मे जा बइठ बड़का, हमरा मड़ई छावे खातिर, कंट्रोल करऽ मुँजवानी में। तोहरा मिलल आजादी के रस, हरिअर भइल बुढ़ापा बा, हमनी का जियते मुरदा अस लउकींजा भरल जवानी में। हम देखत-देखत …

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