उतरै उपारों से अँजोरिया मोर सिवनियाँ चमकै राम केकरे बेटवा क रक्खल बा दूध से भरल कटोरा चानी क चूरन के छोटे भुइयाँ भरि भरि झोरा नाचै-तलवा पर किरिनियाँ रात रनियाँ गमकै राम केकर सूखत बाटै सगरौं धोवलि उज्जर खादी धोबिन कवन अकास से लेइगै बादर चादर लादी कहवा…