धरम पे कबिता

अँजोरिया - श्री जगदीशचन्द्र मिश्र | Anjoria - Shri Jagadishchandra Mishra

उतरै उपारों से अँजोरिया मोर सिवनियाँ चमकै राम केकरे बेटवा क रक्खल बा दूध से भरल कटोरा चानी क चूरन के छोटे भुइयाँ भरि भरि झोरा नाचै-तलवा पर किरिनियाँ रात रनियाँ गमकै राम केकर सूखत बाटै सगरौं धोवलि उज्जर खादी धोबिन कवन अकास से लेइगै बादर चादर लादी कहवा…

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