हईं भोजपुरी के रहवइया हम अइसन तईसन का जानीं । सब़ सोझा-सोझा जानीला बड़ि बात बनावे का जानीं ! दुइ बात कहल सह जाइले गाली सुनि के ढल जाइले मर्दानगी के जब बात पड़ी तव ताल ठोंक तन जाइले, मारव चाहे मारल जाइब पर पीठ देखावे ना जानीं ! घी - दूध मिली चाभीं हँ…