डाले-डाल थिरिकेला फूल कचनार के कतना सुनर लागे दिनवा बहार के पकड़ी में टूसा लागल महुआ गुमाने पागल बरवा के बात में बजार बा - हजार के कतना... अमवा प भँवरा बहके कमवाँ प मनवाँ लहके अगिया लगावे चाल पछुवा बेयार के कतना... फर से लदरि गइले भुइयाँ सोहरि गइले ल…