बेटी पे कबिता

मोरी गउरा भइली सेआन - रामविचार पाण्डेय | Mori Gaura Bhaeli Seyaan - Ramvichar Pandey

एक दिन मैना हिमवंत से कहली कि मोरी गउरा भइली सेआन'। असकति छोड़ी तनी सनगो लगाईं कते हाली देने करीं फलदान ।। जानी ले नू बेटी हवे दोसरा के थाती  माई बाप खाली जनमे के हऽ सँघाती जस जस बेटी बढ़े कसकेले छाती  दिन नाही भूखि, नींद परेले न राती हाली-हाली एन…

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