भ्रष्टाचार पे कविता

हुकूमत के हाथी नियर दाँत दूगो - प्रसिद्ध नारायण सिंह प्रसिद्ध | Hukumat Ke Haathi Niyar Daant - Prasiddh Narayan Singh Prasidh

हुकूमत के हाथी नियर दाँत दूगो  दिखावे के दूसर, चवावे के दूसर  उठल अस अहिंसा के झझकल झकोरा  कि उंड़ गइले आन्ही में लन्दन के गोरा  तऽ सपना सुनहरा में इम त्रस्त रहलीं  आजादी के अचके में बाजल ढिढोरा  खुललि आँखि लउकलि आजादी के झाँकी  गरीबन के दूसर, अमीरन क…

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