बहेला पुरवइया - उमाकांत वर्मा | Bahela Purvaiya - Umakant Verma byutkarsh फहरेला अँचरा बहेला पुरवइया सिहर जाला राम गात शिशिर के मन के कगरिया पै पकरे अँगुरिया साथी सुरतिया के छिहुले दरदिया टूटि जाला डोरिया मसकि जाला बँदवा कसकि जाला राम गात शिशिर के भाव पर भाव उठे उठेरे लहरिया जइसे सपनवा में चिहुँके गुजरिया काजर बसन रत…
बसंत रितु आइल - राहगीर | Basant Ritu Aail - Raahgir byutkarsh आइल बसंत, बसंत रितु आइल । अँगना में मोर पिया, चान मुसुकाइल ।। कलि-कलि चिटकलि महकली बगिया, कसमस देहिया, मसके अंगिया, दिन-दिन मोर रंगवा पीयराइल । आइल बसंत, बसंत रितु आइल ।। बउरल आम, बउराइल रे कोइलिया, बिरहा के अगिया, जगावेरे कोइलिया, ताकि-ताकि रह…