कवन ऊ कुँवर सिंह ? - विश्वनाथ प्रसाद शैदा | Kavan Oo Kunwar Singh ? - Vishwanath Prasad Shaida byसब कुछ यहाँ कवन ऊ कुँवर सिंह, बापा रे बापा केहू के जवानी ना उनकर बुढ़ापा बुढ़ापा में ऊ तेग' जेने घुमावसु बचे एक बैरी भी जिन्दा न पावसु धरा भोजपुर के लहू से जुड़ावसु फिरंगिन के मूड़ी उ मन से उड़ावसु खिंचल जइसे जाला लटाई' प थापा' केहू के जवानी ना उ…